एग्जिट पोल में फिर से कमल खिलता दिख रहा हैं!

२०१९ ले लोकसभा चुनावों का आखरी सातवाँ फेज ख़त्म हुआ और न्यूज चेनल वालों ने सभी सीटों के एग्जिट पोल बना भी डाले. हम किसी भी एग्जिट पोल की किसी भी तरह की कोई पुष्टि नहीं करते हैं. ना ही हमने किसी वोटर को कोई प्रश्न पूछा था. बस जो न्यूज हमारे पास मान्य स्त्रोतों से प्राप्त हैं वो आप को दिखा रहे हैं. तो सब से पहले बड़े पिक्चर के बारे में बताएं तो एग्जिट पोल के हिसाब से एनडी की सरकार बिना किसी परेशानी के आराम से बन रही हैं.

फिर एक बार मोदी सरकार

आजतक एक्सिस माय इंडियन के पोल के हिसाब से एनडी को ३३९ से ले के ३६५ सीटें मिल सकती हैं. वहीँ कोंग्रेस के यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस यानी की यूपीए को ७७ से १०८ सीटें तक मिलने का अनुमान हैं. सपा बसपा गठबंधन को केवल १०-१६ सीटें मिलेंगी और अन्य के खातें में ६९-९५ सीटें जाने का अनुमान हैं.

टाइम्स नाऊ वीएमआर के सर्वे के हिसाब से एनडी को ३०६ सीटें मिल सकती हैं. वहीँ कोंग्रेस के यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस यानी की यूपीए को १३२ सीटें तक मिलने का अनुमान हैं. सपा बसपा गठबंधन को ० सीटें मिलेंगी और अन्य के खातें में १०४ सीटें जाने का अनुमान हैं.

सीवोटर के सर्वे के मुताबिक़ भाजपा एनडी को २८७ सीटें मिल सकती हैं. वहीँ कोंग्रेस के यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस यानी की यूपीए को १२८ सीटें तक मिलने का अनुमान हैं. सपा बसपा गठबंधन को ० सीटें मिलेंगी और अन्य के खातें में १२७ सीटें जाने का अनुमान हैं.

एबीपी न्यूज निल्सन के सर्वे के हिसाब से देखा जाए तो एनडीए २६७ को सीटें, कोंग्रेस यूपीए को १२७ सीटें, महागठबंध को ५६ सीटें और अन्य के खातें में ९२ सीटें जाती दिख रही हैं.

टुडेस चाणक्या के सर्वे में भी एनडीए को ३०० से ऊपर और यूपीए को १०० से कम सीटें मिलने का अनुमान दिखा रहा हैं. (यहाँ गौरतलब बात ये हैं की २०१४ के चुनावों में इसी एजंसी के एग्जिट पोल के आंकड़े सब से अच्छे थे.)

सर्वे एजंसी बीजेपी+ कोंग्रेस+ महागठबंधन अन्य
आजतक एक्सिस माय इंडिया ३३९-३६५ ७७-१०८ १०-१६ ६९-९५
टाइम्स नाऊ वीएमआर ३०६ १३२ १०४
सीवोटर २८७ १२८ १२७
एबीपी निल्सन २६७ १२७ ५६ ९२
टुडेस चाणक्या ३०० १००
एवरेज ३०२ ११६ १७ १०१

अभी हमने सभी सर्वे का एवरेज निकाला तो एनडीए को ३००+. कोंग्रेस के यूपीए को ११६, महागठबंधन को १७ और अन्यों को १०१ सीटें मिल रही हैं. यानी की अगर एग्जिट पोल के आंकड़े ही अगर चुनाव के रिजल्ट में तब्दील होते हैं तो बीजेपी फिर से एक बार जित हांसिल करेगी.

वहीँ अगर स्टेट बाय स्टेट एग्जिट पोल देखें जाए तो कुछ इंटरेस्टिंग आंकड़े निकल के बहार आ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश

शायद यूपी पे ही पुरे के पुरे इलेक्शन का फॉक्स था. और यहाँ बीजेपी फिर से एक बार पॉवर मोड़ में नजर आ रही हैं. सपा बसपा गठबंधन वोट ट्रान्सफर करवाने में शायद अब तक तो विफल सा नजर आ रहा हैं. ज्यादातर चुनावी विश्लेशको और सर्वे एजंसी के हिसाब से यूपी में बीजेपी को कम से कम ४५ से ५० सीटें मिल रही हैं. जो ८० सीटों में से एक अच्छा ख़ासा प्रतिशत हैं. सपा बसपा गठबंधन को १० से १६ तक सीटें  आजतक एक्सिस माय इंडिया सर्वे के हिसाब से मिलने का आकलन हैं. और शायद कोंग्रेस फिर एक बार वही रायबरेली और अमेठी तक सिमित रह जाए.

छत्तीसगढ़

११ लोकसभा सीटों वाले छतीसगढ़ की बात करें तो यहाँ बीजेपी को ७ से ८ सीटें मिल सकती हैं. जब की कोंग्रेस के पास ३ से ४ सीटें जायेंगी.

मध्यप्रदेश

हिंदी बेल्ट के बीजेपी डोमिनेंट एमपी में शायद पिछले २०१४ इलेक्शन के जैसा ही कुछ हो. यहाँ कोंग्रेस विधानसभा जीतने के बाद भी लोकसभा में उतना कुछ ख़ास नहीं कर पाई हैं. सर्वे के हिसाब से यहाँ की २९ सीटों में से बीजेपी २६ से ले के २८ तक सीटें अपने नाम कर सकती हैं. कोंग्रेस को १ से ३ सीटों पर बढ़त दिख रही हैं.

महाराष्ट्र

४८ लोकसभा सीटों वाले दुसरे बड़े राज्य महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना गठबंधन को ३८ से ४२ सीटें मिलने का अनुमान हैं. जब की कोंग्रेस के झंडे केवल ३ से ४ सीटों पर लहरा सकते हैं. एनसीपी कोंग्रेस अलायन्स शायद यहाँ लोगों के प्रश्नों को वोट में तब्दील करवाने में विफल हो गया हैं.

गुजरात

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के होम स्टेट गुजरात में फिर से १००% भगवा हो सकता हैं. यहाँ की २६ में से कम से कम २५ सीटों पर तो बीजेपी बाजी मारती दिख रही हैं. बची हुई एक सिट पर कोंग्रेस भले आगे दिख रही हो लेकिन यहाँ पिछली दफा बीजेपी का स्ट्राइक रेट १००% था.

गोवा

मनोहर परिकर के स्वर्गवास के बाद गोवा बीजेपी और जनता की डोरी टूटेगी शायद ये भी भ्रम मात्र था. यहाँ की दोनों सीटों पर बीजेपी फिलहाल तो आगे निकलती दिख रही हैं.

केरल

२० लोकसभा सीटों वाले केरल में युडीऍफ़ को १५ से १६ सीटें, एलडीऍफ़ को ३ से ५ सीटें और एनडीए को एक सिट मिलने का वोटर सर्वे दिखा रहे हैं.

तेलंगाना

१७ सीटों वाले राज्य तेलंगाना में टीआरएस का पलड़ा सब से ऊपर हैं उसे १० से १२ सीटें मिल सकते हैं. बीजेपी को १ से ले के ३ सीटें और कोंग्रेस को भी १-३ मिल सकती हैं. एक सिट के ऊपर एआईएमआईएम की जित दिख रही हैं.

कर्नाटक

दक्षिण के एक और बड़े राज्य कर्नाटक में कोंग्रेस जेडीएस गठबंधन के सामने बीजेपी का पलड़ा एक बार फिर भारी दिख रहा हैं. यहाँ की २८ में से बीजेपी को २१ से २५ सीटों पर लीड मिलने के आसार हैं. जब की कोंग्रेस ३ से ६ सीटों पर सिमट सकती हैं. एक सिट पर अन्य आगे हैं.

दिल्ली

दिल्ली चीफ मिनिस्टर अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के फायर ब्रांड केम्पेन के बाद भी दिल्ली की जनता का रुझान बीजेपी की तरफ ही लग रहा हैं. यहाँ की सातो सीटों पर २०१४ के चुनावों की तरह ही बीजेपी फिर से जीतती दिख रही हैं. शायद कोंग्रेस दिल्ली में अपनी शून्य वाली राजनीति को बरकरार रखेगी.

तमिलनाडु

तमिलनाडु में कुल ३८ सीटों पर मतदान हुआ था. यहाँ कोंग्रेस समर्थक डीएमके को अच्छा वोट शेयर मिलने के संकेत हैं. इसलिए यूपीए अलायन्स यहाँ ३४ से ले के ३८ सीटें जित सकता हैं. बीजेपी एनडीए अलायंस को १-४ सीटों तक मिलने के आसार हैं.

आंध्रप्रदेश

आंध्रा की २५ सीटों में से २० तक सीटें वायआरएस को मिलती दिख रही हैं. टीडीपी यहाँ ४ से ६ सीटों तक सिमटी हुई दिख रही हैं. कोंग्रेस और बीजेपी शायद यहाँ अपनी सिट का खाता नहीं खोल पाएगी.

जम्मू कश्मीर

बॉर्डर स्टेट जम्मू एंड कश्मीर में बीजेपी के लिए अच्छे संकेत दिख रहे हैं. यहाँ की ६ में से कम से कम ३ सिट पर फिल्हाल बीजेपी के जितने के संकेत हैं. नेशनल कांफ्रेंस को दो सीटें मिल सकती हैं. कोंग्रेस को एक सिट के ऊपर बढ़त बनाने के आसार हैं.

हरियाणा

१० लोकसभा सीटों वाले हरियाणा में शायद बीजेपी का स्ट्राइक रेट १००% हो. यहाँ की ८ से १० सीटों पर अभी तक बीजेपी को बढ़त दिख रही हैं. कोंग्रेस २ सीटों पर बीजेपी को टक्कर देती हुई दिख रही हैं.

असम

१४ सीटों वाले असम में बीजेपी को १० से १२ सीटों पर बढ़त हैं. जब की कोंग्रेस यहाँ २ सीटों पर सर्वे में आगे दिख रही हैं.

बिहार

उत्तर के इस बड़े राज्य में शायद एनडीए फिर बाजी मारेगा, सर्वे के हिसाब से वो कोंग्रेस राजद युति के ऊपर लीड बनाए हुए हैं. यहाँ की ४० में से ३८ सीटों तक एनडीए के खाते में जाने के आसार हैं. जब की कोंग्रेस को २ सीटों पर बढ़त बनाने के संकेत हैं.

झारखंड

१४ सीटों वाले झारखंड में एनडीए को १२ से १४ सीटें मिलने का अनुमान हैं. यूपीए को शून्य से २ सीटों तक.

ओडिशा

यहाँ की २१ सीटों में से बीजेडी को २ से ६ और बीजेपी को १५ से १९ सीटें मिल सकती हैं. कोंग्रेस का प्रदर्शन यहाँ उतना अच्छा नहीं रहेगा और वो शायद एक सिट भी मुश्किल से जीतें.

राजस्थान

कोंग्रेस ने यहाँ २०१४ में एक भी सिट नहीं जीती थी. और शायद २०१९ के लोकसभा चुनावों के रिजल्ट में कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा. आजतक के वोटर सर्वे के हिसाब से यहाँ भाजपा को २३ से २५ सीटें मिलने के आसार हैं. कोंग्रेस को ज्यादा से ज्यादा दो सीटें मिल सकती हैं.

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल की ४ सीटों पर बीजेपी को ही लीड मिलने के संकेत हैं. वोटर सर्वे से आये हुए एग्जिट पोल में फिलहाल कोंग्रेस का प्रदर्शन ठीक ठीक ही रहने के संकेत हैं.

पंजाब

पंजाब की ८ से ९ सीटें कोंग्रेस के खाते में जा सकती हैं. जब की ३ से ५ सीटों पर बीजेपी की लीड बनने के संकेत हैं. आम आदमी पार्टी के भी एक सांसद के चुने जाने के संकेत हैं.

पश्चिम बंगाल

वैसे सब से चौंकाने वाले एग्जिट पोल के आंकड़े तो पश्चिम बंगाल से आ रहे हैं. ऑलमोस्ट सभी सर्वे एजंसी यहाँ बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद सी दिखा रही हैं. बीजेपी को यहाँ की ४२ में से १९ से २३ सीटें मिल सकती हैं. यदि ऐसा हुआ तो बीजेपी ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से भी आगे निकलेगी जिसे २२ सीटों तक मिलने का अनुमान हैं.

उत्तराखंड

उत्तराखंड की पांचो सीटों पर सर्वे में बीजेपी को लीड मिलती दिख रही हैं.

बाकी के सभी छोटे राज्यों के आंकड़े आप को निचे के टेबल में मिलेंगे.

राज्य बीजेपी+ कोंग्रेस+ अन्य
उत्तर प्रदेश ६२-६८ १-२ १०-२५
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल १९-२३ १९-२२ (टीएमसी)
तमिलनाडु ३४-३८ ०-४
त्रीपुरा
तेलंगाना १-३ १-३ १०-१३
पंजाब ३-५ ८-९
सिक्किम
राजस्थान २३-२५ ०-२
नागालेंड
पुडूचेरी
ओडिशा १५-१९ २-६
मणिपुर
मेघालय १-२
मिझोरम
महाराष्ट्र ३८-४२ ६-१०
मध्यप्रदेश २६-२८ १-३
लक्षद्वीप
झारखंड १२-१४ १-२
कर्नाटक २१-२५ ३-६
केरल ०-१ १५-१६ ३-५
हरियाणा ८-१० ०-२
हिमाचल प्रदेश ०-४
जम्मू कश्मीर २-३ २-४
गुजरात २५-२६ ०-१
गोवा
दिल्ली ६-७ ०-१
छतीसगढ़ ७-८ ३-४
दिव और दमन
दादरा और नगरहवेली
असम १२-१४ ०-२
बिहार ३८-४० ०-२
चंडीगढ़
अंडमान निकोबार
आंध्रप्रदेश वायआरएस १८-२० टीडीपी ४-६
अरुणाचल प्रदेश

तो ऐसा कुछ चित्र बनता नजर आ रहा हैं संसद का बही तक तो.

जरुरी सूचना

किसी भी एग्जिट पोल के आंकड़े १००% सही नहीं हो सकते हैं. और chunav2019.in ये बात साफ़ करता हैं की इन आंकड़ों में मामूली से ले के भारी मात्रा में बदलाव भी आ सकते हैं. चुनावी सर्वे १% जितने वोटर्स के सर्वे पर आधारित होते हैं और किसी भी एजंसी का उद्देश्य आप तक खबर को पहुंचाना होता हैं. आखरी रिजल्ट २३ मई से अनाउंस होंगे और हम उस दिन लगातार आप के साथ बने रहेंगे लाइव अपडेट के साथ.

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