केरल २०१९ चुनाव शेड्यूल और रिजल्ट

केरल में कोई भी इलेक्शन हो उसके अंदर तिन फ्रंट काम करते हैं. एक तो हैं सेक्युलर फ्रंट जो की यूनाइटेड फ्रंट के नाम से २०१४ का इलेक्शन लड़ा था जिसमे कोंग्रेस पार्टी हैं. दूसरा फ्रंट होता हैं लेफ्ट यानी की कम्युनिस्ट पार्टी का फ्रंट और उसके बाद तीसरा फ्रंट आता हैं भाजपा का राईट विंग फ्रंट. २०१४ के इलेक्शन में भी केरल में यही तिन फ्रंट में अलग अलग पार्टी ने गठबंधन किया था.

कोंग्रेस वाले फ्रंट का नाम था यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट जिसके अंदर कुल ५ पार्टी थी. और वो पार्टी थी इंडियन नेशनल कोंग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लिग़, केरल कोंग्रेस (एम्), सोशलिस्ट जनता (डेमोक्रेटिक) और रेवोलुशनरी सोशलिस्ट पार्टी.

भाजपा वाले फ्रंट में कुल ३ पार्टी थी. पहली भारतीय जनता पार्टी, उसके बाद केरल कोंगेस (नेशनलिस्ट) और रेवोलुशनरी सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ केरल.

तीसरे फ्रंट यानी की कम्युनिस्ट पार्टी वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट में चार पार्टी थी. जिसमे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया, जनता दल (सेक्युलर) और पांच इंडिपेंडेंट उम्मीदवारों का गठबंधन था.

२०१४ के रिजल्ट

रिजल्ट की बात करें तो २०१४ में कोंग्रेस वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को १२ सिट मिली थी और वो ही स्टेट की सब से बड़ी गठबंधन थी. उसके बाद लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को बाकी की ८ सीटों पर जित मिली थी. भाजपा वाला फ्रंट केरल में खाता भी नहीं खोल पाया था.

और शायद इसलिए ही इस बार २०१९ के चुनावों में केरल के अंदर आरएसएस और दुसरे हिन्दूवादी संगठनों ने पकड मजबूत करने के बहुत प्रयास किये हैं ताकि कम से कम भाजपा इस स्टेट में ओपनिंग कर सकें.

वोट शेयरिंग के लिहाज से देखें तो सिंगल पार्टी में कोंग्रेस यहाँ सब से बड़ी हैं जिसे २०१४ में ३१.१० प्रतिशत वोट मिले थे. उसके बाद सीपीआई (एम्) जिसे २१.५९ प्रतिशत वोट मिले थे. वैसे भाजपा को कुल मिला के १०.३३ प्रतिशत वोट मिले थे लेकिन सब सीटों के ऊपर बिखराव की वजह से ये वोट शेयर सिट में नहीं बदल पाया. भाजप को मिले ज्यादातर वोट्स शहरी एरिया से थे. और यही एरिया में भाजपा का २०१९ में बड़ा फॉक्स हैं.

२०१४ के जीते हुए सांसदों का लिस्ट निचे के टेबल में देखे:

सिट जितनेवाले कैंडिडेट पार्टी
अट्टिंगल ए॰ सम्पत्त सीपीआई (एम्)
अलथूर पी॰के॰ बीजू सीपीआई (एम्)
अलप्पुझा के॰सी॰ वेणुगोपाल कोंग्रेस
इदुक्की जोइस जॉर्ज निर्दलीय
एर्णाकुलम के॰वी॰ थॉमस कोंग्रेस
कन्नूर पी॰के॰ श्रीमती सीपीआई (एम्)
कासरगोड पी॰ करुणाकरण सीपीआई (एम्)
कोट्टायम जोस के॰ मणि केरल कोंग्रेस (एम्)
कोल्लम एन॰के॰ प्रेमचन्द्रन रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
कोष़िक्कोड एम॰के॰ राघवन कोंग्रेस
चालाकुडी इनोसेंट निर्दलीय
तिरुवनन्तपुरम शशि थरूर कोंग्रेस
त्रिस्सूर सी॰एन॰ जयदेवन सीपीआई
पथनमथीट्टा एंटो एंटनी कोंग्रेस
पलक्काड एम॰बी॰ राजेश सीपीआई (एम्)
पोन्नानी इ॰टी॰ मुहम्मद बशीर मुस्लिम लीग
मलप्पुरम ई अहमद मुस्लिम लीग
मवेलीकारा कोडिकुन्नील सुरेश कोंग्रेस
वडकरा मुल्लापल्ली रामचंद्रन कोंग्रेस
वयनाड एम॰आई॰ शानवास कोंग्रेस

२०१९ चुनाव का शेड्यूल

केरल की सभी २० सीटों पर एक ही दिन में मतदान ख़तम होगा. २३ अप्रेल को तीसरे फेज में वोटिंग होगी केरल की लोकसभा सीटों के ऊपर.

फेज सीटें मतदान की तारीख
इदुक्की, अलाथुर, कोल्लम, कासरगोड, पोनान्नी, तिरुवनंतपुरम, अट्टिंगल, आलप्पुझा, कन्नूर, वाडकरा, वायनाड, कोझिकोड, मल्लापुरम, पालक्काड़, त्रिशूर, चालाकुडी, एर्नाकुलम, कोट्टायम, मावेलिकारा, पथानामथिट्टा २३ अप्रेल

वैसे इस बार केरल के इलेक्शन में वायनाड की सिट वीआईपी हो गई हैं क्यूंकि कोंग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी के साथ साथ यहाँ से भी लड़ने का फैसला किया हैं. बीजेपी हालाँकि इसे अमेठी में हारने की दरकी वजह से लिया हुआ फैसला बता रही हैं. लेकिन सियासी जानकारों के मुताबिक़ इसके पीछे असली वजह कोंग्रेस को दक्षिण के राज्यों में मजबूत करने का ही इरादा हैं.

केरल में हर बार की तरह इस बार भी वोटिंग अच्छा हुआ. पुरे राज्य की बात करें तो ७७.६८ प्रतिशत मतदान हुआ. इसमें सब से ज्यादा मतदान कन्नूर सिट के लिए हुआ जो की ८३.०५% था. और सब से कम मतदान तिरुवनंतपुरम सिट पर हुआ जो की सिर्फ ७३.४५% था. हालांकि देश की एवरेज के हिसाब से ये नम्बर भी अच्छा ही हैं. चलिए फिर आप २३ मई को सीधे इसी पेज पर केरल के लोकसभा रिजल्ट को देखना न भूले. यदि कोई और अपडेट हुई उसके पहले हम आप को इस पेज पर ही सूचित करेंगे.

वैसे ये केरल के यूथ लोगों की राय हैं राज्य की हाल की पोलिटिकल पोजीशन पर. यूटूब का एक अच्छा वीडियो हैं जो आप भी देखे:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *